देश में बाल श्रम एक गंभीर समस्या बनी हुई है, जहाँ लगभग 2,000 बच्चे अभी भी सड़कों पर रहने को मजबूर हैं। सरकार ने इन बच्चों को शिक्षा प्रणाली में वापस लाने और सड़कों से दूर रखने के लिए एक छात्रवृत्ति कार्यक्रम का विस्तार करने की योजना बनाई है। इस वर्ष के अंत तक 3,500 छात्रवृत्तियाँ प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। यह कार्यक्रम वंचित बच्चों को स्कूल जाने और बेहतर भविष्य प्राप्त करने का अवसर प्रदान करेगा। सरकार का यह कदम बाल श्रम को कम करने और बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस पहल से बच्चों को सुरक्षित माहौल में शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिलेगी और उन्हें शोषण से बचाया जा सकेगा। अधिकारियों का मानना है कि शिक्षा ही बाल श्रम के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार है।

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