हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार, आपातकालीन आवास में रहने वाले बेघर बच्चों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, जो 5,659 तक पहुँच गई है। यह संख्या एक नया रिकॉर्ड है, जो बेघर होने की समस्या की गंभीरता को दर्शाता है। 2026 की शुरुआत में, कुल बेघर लोगों की संख्या 17,000 से अधिक हो गई थी। यह वृद्धि आवास संकट और सामाजिक सुरक्षा जाल में कमियों की ओर इशारा करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक कठिनाई, किराए में वृद्धि और सामाजिक सेवाओं की कमी इस समस्या को बढ़ा रही है। सरकार और स्वयंसेवी संगठन इस संकट से निपटने के लिए तत्काल कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं। बच्चों पर इस स्थिति के दीर्घकालिक प्रभावों को कम करने के लिए ठोस उपाय आवश्यक हैं।