देश के कई घरों में घरेलू काम में मदद के लिए बालmaids (बाल गृहकर्मचारी) नियुक्त किए जाते हैं। कानून और नीतियों में बच्चों को काम पर रखने को हतोत्साहित किया गया है, लेकिन वास्तविकता में बालmaids की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके साथ ही, उन पर अत्याचार, हिंसा और मृत्यु की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। अक्सर, दूसरों के घरों का काम करते हुए ये बच्चे खुद ही असहाय और असुरक्षित हो जाते हैं। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस स्थिति को तत्काल रोकने की आवश्यकता है और बालmaids के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। बाल श्रम के खिलाफ सख्त कानून लागू करने और जागरूकता बढ़ाने की भी आवश्यकता है ताकि बच्चों को सुरक्षित भविष्य मिल सके। यह एक गंभीर सामाजिक समस्या है जिस पर ध्यान देना आवश्यक है।