तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने अपने एक मंत्री द्वारा डीएमके नेता करूणानिधि को बिना किसी उपाधि के संबोधित करने के लिए माफी मांगी है। मंत्री द्वारा की गई इस चूक के बाद, मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से खेद व्यक्त किया। यह घटना राज्य की राजनीति में एक मामूली विवाद का विषय बन गई थी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मंत्री का इरादा करूणानिधि जी का अनादर करना नहीं था। यह केवल एक अनजाने में हुई गलती थी जिसके लिए उन्होंने जिम्मेदारी ली है। इस माफी से राजनीतिक गलियारों में तनाव कम होने की उम्मीद है और सरकार की छवि को नुकसान से बचाया जा सका है। मुख्यमंत्री विजय ने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।