विश्व शतरंज चैंपियन मैग्नस कार्लसन को उनके देश नॉर्वे का राष्ट्रप्रमुख बनने का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन उन्होंने इसे अस्वीकार कर दिया है। कार्लसन ने इस प्रस्ताव पर विचार करने के बाद निष्कर्ष निकाला कि वह राजनीति में करियर बनाने के लिए उपयुक्त नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उनका ध्यान शतरंज पर केंद्रित है और वे इस खेल में उत्कृष्टता प्राप्त करना जारी रखना चाहते हैं। नॉर्वे के प्रधानमंत्री ने कार्लसन की प्रतिक्रिया का सम्मान किया और उन्हें देश के लिए उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया। यह प्रस्ताव नॉर्वे में गणतंत्रवाद की बहस को फिर से जन्म दे सकता है, क्योंकि वर्तमान में नॉर्वे एक राजतंत्र है। कार्लसन की अस्वीकृति का मतलब है कि नॉर्वे का शाही परिवार भविष्य में भी देश पर शासन करता रहेगा। यह घटना खेल और राजनीति के बीच की सीमाओं को भी उजागर करती है।