सरकार द्वारा दवाओं की कीमतों पर लगाई गई सीमा को लेकर विवाद के कारण सरकारी अस्पतालों में कीमोथेरेपी जैसी महत्वपूर्ण कैंसर रोधी दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। इन दवाओं की आपूर्ति बाधित होने से कैंसर मरीजों को इलाज में कठिनाई हो रही है। हालांकि, यह दवाएं बाजार में मौजूद हैं, लेकिन निजी अस्पतालों और मेडिकल स्टोर में अत्यधिक दामों पर बेची जा रही हैं। इस स्थिति के कारण गरीब और कमजोर वर्ग के मरीजों के लिए इलाज कराना मुश्किल हो गया है। सरकार और दवा कंपनियों के बीच चल रहे इस विवाद के कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि मरीजों को सस्ती दरों पर दवाएं उपलब्ध हो सकें। यह मुद्दा अब राजनीतिक गलियारों में भी छाया हुआ है, और विपक्ष सरकार पर इस गंभीर स्थिति से निपटने में विफल रहने का आरोप लगा रहा है।

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