यूके में यौन अपराधियों की कामेच्छा को दबाने के लिए दवाइयों के इस्तेमाल पर बहस छिड़ गई है, जिसका उद्देश्य जेलों में भीड़भाड़ कम करना है। इस विचार का उद्देश्य अपराधियों के पुन: अपराध करने की संभावना को कम करना है। अमेरिका, यूरोप और एशिया में भी इसी तरह की चर्चाएँ हो रही हैं। समर्थकों का दावा है कि यह एक प्रभावी निवारक उपाय हो सकता है, जबकि आलोचकों का कहना है कि यह मानवाधिकारों का उल्लंघन है और नैतिक रूप से गलत है। यह दवाइयों का उपयोग करने के बजाय पुनर्वास कार्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर भी सवाल उठाता है। इस विषय पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विचार-विमर्श जारी है।