एक चेचन लड़ाके, मगomed ने बताया कि उसने रूस की सेना छोड़कर यूक्रेन का पक्ष क्यों चुना। उसने दावा किया कि पहले भी कई चेचन लड़ाके रूस से भाग चुके हैं, जिसके कारण रूसी कमांडरों ने सैनिकों के फोन की जांच और निगरानी बढ़ा दी है। मगomed ने खुलासा किया कि उसे यूक्रेन की तरफ़ जाने में एक ड्रोन ने मार्गदर्शन किया। इस घटना से रूस में चेचन लड़ाकों के बीच असंतोष और मनोबल में कमी का संकेत मिलता है। रूसी सेना में वफ़ादारी की जांच को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। यह मामला दर्शाता है कि युद्ध के मैदान में तकनीक का इस्तेमाल सैनिकों के पलायन में कैसे मदद कर सकता है। इस घटना के बाद, रूसी सेना ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है।