दान किए गए कपड़ों की मात्रा में वृद्धि हुई है, लेकिन उनका उपयोग करने वालों की संख्या कम हो रही है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इस्तेमाल किए गए कपड़ों की मांग में कमी आने से दान किए गए कपड़ों का सही उपयोग नहीं हो पा रहा है। परिणामस्वरूप, चैरिटी की दुकानों में कपड़ों का ढेर लग रहा है और बहुत सारे कपड़े कचरे में जा रहे हैं। यह समस्या दान करने वालों और चैरिटी संगठनों दोनों के लिए चिंता का विषय है। कपड़ों के बढ़ते कचरे से पर्यावरण पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए कपड़ों के पुनर्चक्रण और पुन: उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। दान करने से पहले कपड़ों की गुणवत्ता पर ध्यान देना भी महत्वपूर्ण है।