चैम्पियनशिप के इस मुकाबले ने दर्शकों को निराश किया। शुरुआती दौर में जहाँ रोमांच और उत्साह था, वहीं बाद के खेल में गति धीमी हो गई और प्रतिस्पर्धा कम हो गई। खेल विश्लेषकों का मानना है कि यह चैम्पियनशिप का सबसे उबाऊ मैच था। पहले कुछ क्षणों में जो उत्साह देखने को मिला, वह पूरे मैच में कायम नहीं रह पाया। इस मुकाबले में उम्मीद से कम नाटकीयता रही, जिससे दर्शकों को निराशा हुई। कुल मिलाकर, यह मैच शुरुआती उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका और चैम्पियनशिप के अन्य मुकाबलों की तुलना में कम आकर्षक रहा। खेल के इस पहलू पर प्रशंसकों और विशेषज्ञों दोनों ने ही अपनी निराशा व्यक्त की है।