चाड ने सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) से हटने की योजना की घोषणा की। देश का मानना है कि न्यायालय की प्रभावशीलता “सीमित और असमान” है, और इसकी गतिविधियाँ अफ्रीका पर केंद्रित हैं। वेनेजुएला, बुर्किना फ़ासो, माली और नाइजर जैसे देशों के बाद चाड भी हेग स्थित ICC से हटने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है। ICC युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए व्यक्तियों पर मुकदमा चलाता है। चाड ने न्यायालय के कामकाज पर अपनी निराशा व्यक्त की है, जिससे अफ्रीका केंद्रित दृष्टिकोण की आलोचना हो रही है। यह कदम अंतर्राष्ट्रीय न्याय व्यवस्था में एक और झटका है। इस निर्णय से ICC की वैधता और वैश्विक समर्थन पर प्रश्नचिह्न खड़े हो सकते हैं।