स्पेन के Ceuta में हजारों प्रवासियों का अचानक आगमन यूरोप के लिए एक चौंकाने वाला क्षण था, लेकिन जांच से पता चला है कि यह घटना सोशल मीडिया पर महीनों से तैयार और प्रचारित की जा रही थी। सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर यूरोप जाने के लिए यात्रा सुझाव और झूठी खबरें व्यापक रूप से साझा की जा रही थीं। कुछ पोस्ट में तो यह भी दावा किया गया था कि "पश्चिम का सपना केवल कुछ किलोमीटर तैरने की दूरी पर है"। स्पेन मोरक्को की भूमिका पर संदेह व्यक्त कर रहा है, यह मानते हुए कि इस घटना के पीछे कोई छिपी हुई मंशा हो सकती है। यह घटना ऑनलाइन दुष्प्रचार और प्रवासन मार्गों को बढ़ावा देने की क्षमता को उजागर करती है। अधिकारियों का कहना है कि वे सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ा रहे हैं ताकि इस तरह के संगठित प्रवासन प्रयासों को रोका जा सके। इस घटना ने यूरोप की सीमाओं की सुरक्षा और प्रवासन नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।