सेउटा बंदरगाह पर बनाए गए शिविरों को सरकार अस्थायी बता रही है और सभी पक्षों से सहमति की अपील कर रही है। मंत्री एंजेल विक्टर टोरेस ने स्पष्ट किया है कि ये शिविर केवल तब तक रहेंगे जब तक प्रवासियों को वापस नहीं भेज दिया जाता। उनका कहना है कि इन शिविरों का उद्देश्य प्रवासियों को सेउटा में बसाना नहीं है। सरकार का मानना है कि हर कदम पर नकारात्मक प्रतिक्रियाएं नहीं मिलनी चाहिए और सभी को मिलकर समाधान निकालना होगा। यह बयान सेउटा में प्रवासियों की स्थिति को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच आया है। सरकार प्रवासियों को वापस भेजने की प्रक्रिया को लेकर गंभीर है और शिविरों को स्थायी समाधान नहीं मानती है। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए, सरकार सभी हितधारकों से सहयोग की उम्मीद कर रही है।