जापान की मेडेन कंपनी द्वारा विकसित सिरेमिक झिल्ली प्रौद्योगिकी पर एक परीक्षण शुरू किया गया है। इस परीक्षण का उद्देश्य समुद्री जल को ശുദ്ധികरण के लिए पूर्व-उपचार में उपयोग होने वाली ऊर्जा को आधा करना है। वर्तमान प्रक्रिया में समुद्री जल से दूषित पदार्थों को हटाने के लिए तीन चरणों का उपयोग किया जाता है। नया तकनीक इन तीन चरणों को प्रतिस्थापित करने की क्षमता रखती है। यदि सफल होती है, तो यह अलवणीकरण प्रक्रिया को अधिक ऊर्जा कुशल बनाएगी। वैज्ञानिक उम्मीद कर रहे हैं कि इससे अलवणीकरण की लागत भी कम हो सकती है। यह परीक्षण अलवणीकरण प्रौद्योगिकी में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।