आगामी चुनावों में दस दिन शेष हैं, लेकिन सेपेडा के चुनाव प्रचार को महत्वपूर्ण समर्थन अभी तक नहीं मिल पाया है। उन्होंने चुनावों को स्वीकार करने और संविधान संशोधन के विरोध जैसे बुनियादी मुद्दों पर सहमति जताई है, फिर भी केंद्रवादी मतदाताओं को आकर्षित करने में वे संघर्ष कर रहे हैं। यह स्थिति उनकी चुनावी संभावनाओं के लिए चिंताजनक है। विश्लेषकों का मानना है कि सेपेडा को व्यापक गठबंधन बनाने और अपनी रणनीति में बदलाव करने की आवश्यकता है। फिलहाल, केंद्र में समर्थन हासिल करने की उनकी कोशिशें धीमी गति से आगे बढ़ रही हैं। इस गति से, चुनावों में सफलता प्राप्त करना मुश्किल हो सकता है। यह जानकारी 'ला सिल्ला वाकिया' के एक हालिया रिपोर्ट में प्रकाशित हुई है।