बोस्टन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने 1994 से शतायुषियों (100 वर्ष से अधिक आयु वाले लोग) का अध्ययन किया है। इस अध्ययन से पता चला है कि शतायुषियों की उम्र बढ़ने की गति धीमी नहीं होती, बल्कि वे पुरानी बीमारियों को 15-20 साल तक टाल देते हैं। वैज्ञानिकों ने इसे ‘जैविक लचीलापन’ बताया है। ‘न्यू इंग्लैंड सेंटेनैरियन स्टडी’ नामक यह शोध शतायुषियों पर किया गया अब तक का सबसे व्यापक अध्ययन है। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह लचीलापन उन्हें बीमारियों से लड़ने और लंबे समय तक स्वस्थ रहने में मदद करता है। यह अध्ययन शतायुषियों के स्वास्थ्य और जीवनशैली के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है। इस खोज से दीर्घायु और स्वस्थ जीवन जीने के तरीकों को समझने में मदद मिल सकती है।