मध्य यूरोप के भूमि-बद्ध देश - चेकिया, हंगरी और स्लोवाकिया - सूखे की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। जल प्रबंधन और जल संरक्षण इन देशों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है, लेकिन सरकारों की ओर से प्रभावी समाधान खोजने में विफलता रही है। सूखे की स्थिति लगातार बिगड़ रही है जिसके कारण जल संसाधनों पर भारी दबाव पड़ रहा है। इन देशों में जल भंडारण की क्षमता कम होने के कारण समस्या और भी जटिल हो गई है। विशेषज्ञ जल संरक्षण के महत्व पर जोर दे रहे हैं और सरकारों से तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह कर रहे हैं। स्थिति को सुधारने के लिए दीर्घकालिक योजनाओं और निवेश की आवश्यकता है। यह जल संकट मध्य यूरोप के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।