केंद्रीय चुनाव समिति के अध्यक्ष नोआम सोल्बर्ग ने शस पार्टी की याचिका पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया कि अटॉर्नी जनरल द्वारा रब्बी उवाडिया यूसुफ की स्मृति में सभा की तारीख पर दिए गए निर्देश पर चर्चा करने का अधिकार उनके पास नहीं है। सोल्बर्ग ने कहा कि यह मामला उनकी अधिकार सीमा से बाहर है। शस पार्टी ने अटॉर्नी जनरल के निर्देश के खिलाफ याचिका दायर की थी, जिसमें रब्बी यूसुफ की बरसी पर होने वाली सभा के लिए एक विशिष्ट तारीख निर्धारित की गई थी। सोल्बर्ग के इस रुख से शस पार्टी की याचिका पर आगे की कार्यवाही प्रभावित हो सकती है। इस मामले से चुनाव आयोग और राजनीतिक दलों के बीच अधिकार क्षेत्र से संबंधित प्रश्न उठ रहे हैं। सोल्बर्ग ने स्पष्ट किया कि वे कानूनी मुद्दों पर हस्तक्षेप करने के लिए अधिकृत नहीं हैं। यह निर्णय संभवतः रब्बी यूसुफ की स्मृति सभा की तारीख तय करने की प्रक्रिया को प्रभावित करेगा।