विश्व स्वर्ण परिषद (World Gold Council) की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने के भंडार में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। रिपोर्ट में यह भी अनुमान लगाया गया है कि अगले पांच वर्षों में अमेरिकी डॉलर का वैश्विक आरक्षित मुद्रा के रूप में प्रभुत्व कम हो सकता है। केंद्रीय बैंक अपनी परिसंपत्तियों में विविधता लाने और भू-राजनीतिक जोखिमों से बचाव के लिए सोने को एक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में देख रहे हैं। सोने की मांग में यह वृद्धि विशेष रूप से उभरती अर्थव्यवस्थाओं के केंद्रीय बैंकों से आ रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि डॉलर की कमजोरी कई कारकों पर निर्भर करेगी, जिसमें वैश्विक आर्थिक स्थिति और अन्य मुद्राओं का प्रदर्शन शामिल है। विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रवृत्ति वैश्विक वित्तीय प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है। यह रिपोर्ट केंद्रीय बैंकों की सोने की खरीद और वैश्विक मुद्रा परिदृश्य पर एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रदान करती है।
