हंगरी के राष्ट्रीय बैंक (एमएनबी) द्वारा बेची जा रही संपत्तियों पर 36 अरब फोरिंट खर्च किए गए थे। अब इन संपत्तियों को 23 अरब फोरिंट में बेचने के लिए विज्ञापन जारी किया गया है। ये संपत्तियां तब खरीदी गई थीं जब ग्युरगी मतोलसी बैंक के अध्यक्ष थे। इस सौदे पर पहले से ही सवाल उठ रहे हैं क्योंकि संपत्तियों की कीमत में भारी गिरावट आई है। आलोचकों का कहना है कि यह सार्वजनिक धन का दुरुपयोग है। बैंक ने अभी तक इस मामले पर कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की है, लेकिन उसने कहा है कि संपत्तियों को बाजार मूल्य पर बेचने का प्रयास किया जा रहा है। इस कदम से हंगरी की अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह देखना बाकी है।
