केंद्रीय बैंक ने व्यावसायिक दस्तावेजों के सत्यापन के लिए एक नई পরীক্ষামূলক व्यवस्था शुरू की है। इस पहल के तहत अब लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) सहित विभिन्न व्यापारिक दस्तावेजों की स्वचालित रूप से जांच की जा सकेगी। यह प्रणाली अंतरराष्ट्रीय व्यापार कॉरिडोर में दस्तावेजों के आदान-प्रदान को पूरी तरह से डिजिटल बनाएगी। इससे व्यापारिक प्रक्रियाओं में तेजी आएगी और मानवीय त्रुटियों में कमी होगी। डिजिटल सत्यापन के माध्यम से व्यापारिक लेनदेन अधिक पारदर्शी और सुरक्षित हो जाएंगे। यह कदम अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण तकनीकी सुधार है। इस नई व्यवस्था से आयात और निर्यात से जुड़े दस्तावेजों के प्रबंधन में आसानी होगी।