राष्ट्रीय सुरक्षा अभिलेखागार अध्ययन परिषद (CNSAS) ने एक दस्तावेज जारी किया है जिसमें जनवरी 1989 में 'स्कैन्टेया टिनेरेटुलु' अखबार में एक तकनीकी त्रुटि के कारण निकोलाई चाऊशेस्कु की तस्वीर काले फ्रेम में छपी थी, जिससे ऐसा लग रहा था कि उनकी मृत्यु हो गई है। यह त्रुटि एक टाइपोसेटिंग गलती के कारण हुई थी। सुरक्षा बलों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और आधी रात को अखबार का प्रकाशन रोक दिया ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। इस घटना से सुरक्षा बलों में तत्काल हलचल मच गई थी। दस्तावेज़ से पता चलता है कि अधिकारियों को इस 'आपदा' से बचने के लिए त्वरित कार्रवाई करनी पड़ी। यह घटना चाऊशेस्कु शासन के अंतिम दिनों में हुई थी, जो जल्द ही क्रांति में समाप्त हो गया। CNSAS द्वारा जारी किए गए इस दस्तावेज से उस समय की राजनीतिक अस्थिरता और सुरक्षा बलों की संवेदनशीलता का पता चलता है।