चार्ल्स डार्विन विश्वविद्यालय (सीडीयू) को 2016 से 2022 के बीच अपने 800 से अधिक पेशेवर और शैक्षणिक कर्मचारियों को कम वेतन देने के कारण 4 मिलियन डॉलर से अधिक का बकाया वेतन देना होगा। विश्वविद्यालय पर यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि उसने कर्मचारियों को उचित वेतन नहीं दिया। यह राशि भारतीय मुद्रा में लगभग 33 करोड़ रुपये से अधिक है। जांच में वेतन संबंधी विसंगतियां पाई गईं जिसके बाद यह आदेश जारी किया गया। सीडीयू ने इस मामले पर अभी तक कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया है, लेकिन अधिकारियों ने कहा है कि वे इस मुद्दे को हल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह मामला ऑस्ट्रेलिया में कर्मचारियों के अधिकारों और उचित वेतन सुनिश्चित करने के महत्व को दर्शाता है। विश्वविद्यालय अब प्रभावित कर्मचारियों को बकाया राशि का भुगतान करने की प्रक्रिया शुरू करेगा।
