पेरू के लीमा में आयोजित लैटिन अमेरिकी कांग्रेस में अर्जेंटीना में किए गए सबसे बड़े अध्ययन के परिणाम प्रस्तुत किए गए। यह अध्ययन सीबीडी (कैनबिडिओल) के मिरगी के इलाज में संभावित उपयोग पर केंद्रित था। शोध से पता चलता है कि सीबीडी उन रोगियों के लिए नए विकल्प प्रदान कर सकता है जिन्हें गंभीर मिरगी है और पारंपरिक उपचारों के प्रति प्रतिरोधक क्षमता है। नैदानिक ​​अनुसंधान इस बात पर प्रकाश डालता है कि सीबीडी प्रभावी हो सकता है। यह उन मरीजों के जीवन में सुधार ला सकता है जो लंबे समय से इस बीमारी से जूझ रहे हैं। अध्ययन के निष्कर्ष इस क्षेत्र में भविष्य के अनुसंधान और उपचार के लिए महत्वपूर्ण मार्ग प्रशस्त करते हैं। सीबीडी के उपयोग से जुड़े नियमों और संभावित दुष्प्रभावों पर भी विचार किया जा रहा है।