एक नए अध्ययन में यह पाया गया है कि बिल्लियाँ बच्चों की अस्थमा को बढ़ाती नहीं हैं या श्वसन संबंधी समस्याओं को गंभीर नहीं बनाती हैं। 30,000 बच्चों पर किए गए इस शोध में, जिन बच्चों के घर में बिल्लियाँ थीं और जिनके घर में नहीं थीं, उनके अस्थमा की गंभीरता या नियंत्रण में कोई महत्वपूर्ण अंतर नहीं पाया गया। यह निष्कर्ष उन माता-पिता के लिए राहत की खबर है जो अस्थमा से पीड़ित बच्चों के साथ पालतू जानवर रखने पर विचार कर रहे हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि बिल्लियों से एलर्जी कुछ बच्चों में अस्थमा को ट्रिगर कर सकती है, लेकिन बिल्लियों की उपस्थिति अस्थमा को सीधे तौर पर बढ़ाती नहीं है। अध्ययन में यह भी पाया गया कि बिल्लियों के साथ रहने से बच्चों में प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत हो सकती है। यह अध्ययन अस्थमा और पालतू जानवरों के बीच संबंध को समझने में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
