लुइस अर्नेस्टो अपारिसियो एम. के अनुसार, कैथोलिक चर्च एक ऐसा संस्थान है जिसने सदियों से खुद को ढालना सीखा है। अपने इतिहास में, चर्च ने विभाजन, सुधार, युद्ध, क्रांतियों और गहरे सांस्कृतिक परिवर्तनों का सामना किया है। लेख में यह सुझाव दिया गया है कि चर्च अब एक अप्रत्याशित विरोधी का सामना कर रहा है, हालांकि विशिष्ट विवरण प्रदान नहीं किए गए हैं। यह लेख 'टैल्कुअल' नामक प्रकाशन में प्रकाशित हुआ है। यह चर्च की अनुकूलन क्षमता और वर्तमान चुनौतियों पर केंद्रित है। लेखक का मानना है कि चर्च ने अतीत में कई बाधाओं को पार किया है, लेकिन अब एक नए प्रकार के विरोध का सामना कर रहा है। यह विरोध चर्च के लिए भविष्य में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है।