पूर्व बैंक ऑफ़ इंग्लैंड गवर्नर मार्क कार्नी ने फ़ीफ़ा अध्यक्ष जियानी इन्फ़ैन्टिनो पर तीखा हमला बोला है। कार्नी ने कहा कि इन्फ़ैन्टिनो का विश्व कप में निजी निवेशकों को हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव फ़ीफ़ा के शीर्ष सलाहकारों और अधिकारियों से छुपाना अस्वीकार्य है। उनका मानना है कि यह कदम इन्फ़ैन्टिनो के पद के लिए घातक साबित होना चाहिए। कार्नी ने पारदर्शिता की कमी पर गहरी चिंता व्यक्त की है और इन्फ़ैन्टिनो के नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। इस खुलासे से फ़ीफ़ा में एक बड़ा विवाद पैदा हो गया है और अध्यक्ष के भविष्य पर अटकलें लगाई जा रही हैं। कार्नी के इस बयान से इन्फ़ैन्टिनो की स्थिति और कमजोर हो सकती है। यह घटना फ़ुटबॉल जगत में शासन और पारदर्शिता के मुद्दों को भी उजागर करती है।