बारबाडोस की प्रधानमंत्री मिया मोटली ने एक नया घोषणापत्र जारी किया है जिसमें सदियों से चले आ रहे दासता के कारण हुए नुकसान के लिए क्षतिपूर्ति की मांग की गई है। यह घोषणापत्र कैरेबियाई देशों के नेताओं द्वारा समर्थित है और नैतिक, कानूनी तथा मानवीय आधार पर क्षतिपूर्ति का दावा करता है। विशेष रूप से, इस घोषणापत्र में अफ्रीकी महिलाओं को हुए नुकसान पर जोर दिया गया है। मोटली घाना में एक ऐतिहासिक सम्मेलन में बोल रही थीं, जिसका उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र द्वारा पारित एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव के बाद क्षतिपूर्ति न्याय को आगे बढ़ाना है। इस प्रस्ताव में अफ्रीकी दासों के व्यापार को मानवता के खिलाफ सबसे गंभीर अपराध घोषित किया गया है। अन्य कैरेबियाई देश भी इस घोषणापत्र पर विचार कर रहे हैं। यह कदम दासता के कारण हुए दीर्घकालिक प्रभावों को संबोधित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।