कैप्री-सन ने अपने ग्राहकों से एक मिलियन हस्ताक्षर जुटाकर प्लास्टिक स्ट्रॉ को वापस लाने की याचिका दायर की थी। हालांकि, इस याचिका में अपेक्षा से बहुत कम, केवल एक-पांचवें हिस्से लोगों ने ही समर्थन दिया। कंपनी के प्रमुख ने अब इस याचिका की विफलता को स्वीकार किया है। यह कदम पर्यावरण संबंधी चिंताओं के बीच उठाया गया था, क्योंकि प्लास्टिक स्ट्रॉ के विकल्प के तौर पर अन्य विकल्पों की मांग बढ़ रही है। कंपनी का लक्ष्य ग्राहकों की राय जानने और संभावित वापसी के लिए समर्थन जुटाना था, लेकिन परिणाम निराशाजनक रहे। इस विफलता के बाद, कंपनी अब प्लास्टिक स्ट्रॉ को वापस लाने की संभावना पर पुनर्विचार कर सकती है। कंपनी के प्रमुख ने याचिका को 'खराब तरीके से बनाई गई' भी बताया है, जिससे इस पहल की रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं।
