कनाडा के 'स्पीशीज एट रिस्क एक्ट' में एक कानूनी खामी उजागर हुई है, जिसके कारण वन्यजीवों को संरक्षण मिलने में वर्षों की देरी हो सकती है। एक नए अध्ययन के अनुसार, जनवरी 2025 तक 288 मामलों में से 153 मामले ऐसे हैं जो लंबित हैं और जिनका समाधान अभी तक नहीं हुआ है। यह कानून वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए बनाया गया था, लेकिन इस खामी के कारण यह प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस कानूनी उलझन के कारण कई प्रजातियां विलुप्त होने के कगार पर पहुंच सकती हैं। अध्ययन में इस मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने और कानून में संशोधन करने की सिफारिश की गई है ताकि वन्यजीवों को समय पर संरक्षण मिल सके। यह समस्या कनाडा के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों के लिए एक बड़ी चुनौती है। इस कानूनी प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता है ताकि प्रजातियों को बचाने के लिए त्वरित कार्रवाई की जा सके।