कनाडा में दशकों से चली आ रही आप्रवासन नीति में बदलाव देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के कारण कनाडा धीरे-धीरे शरणार्थियों और प्रवासियों के लिए अपने दरवाजे बंद कर रहा है। पहले कनाडा हमेशा शरणार्थियों और प्रवासियों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए जाना जाता था, लेकिन अब स्थिति बदल रही है। नए नियमों और नीतियों के कारण, शरणार्थियों को कनाडा में प्रवेश करने और रहने में अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस बदलाव के पीछे मुख्य कारण कनाडा की अर्थव्यवस्था में आ रही मंदी और बढ़ती बेरोजगारी बताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव कनाडा की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता के लिए हानिकारक हो सकता है। सरकार का कहना है कि ये बदलाव देश की सुरक्षा और संसाधनों की उपलब्धता को ध्यान में रखकर किए गए हैं।