कैमरून में उपराष्ट्रपति पद के सृजन को लेकर राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई है। राष्ट्रपति पॉल बिया ने संविधान में संशोधन के ज़रिए यह पद बनाया है। इस कदम के पीछे की मंशा पर कई सवाल उठ रहे हैं, जिनमें से एक यह है कि क्या यह पद वास्तव में राष्ट्रपति की शक्ति को कमज़ोर करने का एक प्रयास है। हालाँकि, राष्ट्रपति बिया के एक सहयोगी, अबूबकर उस्मान मेय ने इस बात से इनकार किया है कि राष्ट्रपति इस 'मास्कराड' के पीछे हैं। उनका कहना है कि उन्हें पूरा विश्वास है कि राष्ट्रपति बिया इस तरह की किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं हो सकते। उपराष्ट्रपति पद के सृजन से देश की राजनीतिक संरचना में महत्वपूर्ण बदलाव आने की संभावना है। इस मामले पर आगे भी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आने की उम्मीद है।