इस्‍सा त्शीरोमा बकारी की कानूनी टीम ने 28 जुलाई और 3 अगस्‍त 2026 को जारी राष्ट्रपति आदेशों को चुनौती दी है, जिनमें सेना में नियुक्तियों और पदोन्नतियों से संबंधित मामले शामिल थे। टीम का तर्क है कि ये आदेश कानूनी रूप से अमान्य हैं। बकारी के वकीलों ने इन नियुक्तियों की प्रक्रियाओं पर सवाल उठाया है और इनकी वैधता को लेकर चिंता व्यक्त की है। उनका दावा है कि पदोन्नतियों में स्थापित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। इस चुनौती से कैमरून की सेना में उच्च पदस्थ अधिकारियों की नियुक्ति और पदोन्नति से संबंधित एक कानूनी विवाद उत्पन्न हो सकता है। मामले की आगे जांच और कानूनी कार्यवाही की संभावना है। बकारी के कानूनी दल का कहना है कि वे उचित प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।