कैमरून रेडियो टेलीविजन (सीआरटीवी) में जारी की गई एक फर्जी डिक्री की घटना पर प्रोफेसर जीन बाहेबेक ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका मानना है कि यह घटना वास्तविक होने के लिए बहुत ही आश्चर्यजनक है। बाहेबेक के अनुसार, यह एक विचलनकारी रणनीति हो सकती है, जिसका उद्देश्य जनता का ध्यान किसी महत्वपूर्ण मुद्दे से हटाना है। उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लेने और इसकी गहन जांच करने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रोफेसर बाहेबेक ने कहा कि इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक संस्थानों के लिए खतरा हैं और इन्हें हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने जनता से सतर्क रहने और किसी भी भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करने का आग्रह किया। इस घटना ने सीआरटीवी की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं और सरकार पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ा दिया है।