कैमरून की याउंडे स्थित सैन्य अदालत ने 8 अक्टूबर को 2025 के चुनाव के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किए गए 66 लोगों को दोषी ठहराया है। इन लोगों को विभिन्न सज़ाएँ सुनाई गई हैं, जिनकी अवधि अज्ञात है। यह फैसला एक साल की लंबी प्रतीक्षा अवधि के बाद आया है। गिरफ्तार लोगों पर चुनाव परिणामों के विरोध में सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने और हिंसा फैलाने का आरोप लगाया गया था। इस मामले ने कैमरून में राजनीतिक तनाव और मानवाधिकारों के हनन को लेकर चिंताएँ बढ़ा दी हैं। यह निर्णय कैमरून की न्यायिक प्रणाली और राजनीतिक स्थिरता पर सवाल खड़ा करता है। अभियुक्तों के वकील फैसले को चुनौती देने की योजना बना रहे हैं।

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