एक पत्रकार के अनुसार, कैमरून की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के ओलंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई न कर पाने की ज़िम्मेदारी सीधे तौर पर खेल मंत्री नार्सिस मोउले कोम्बी पर आती है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मोउले कोम्बी ने ही टीम के कोच, मार्क ब्राइस को कैमरूनियन फुटबॉल संघ पर थोपा था। यह निर्णय विवादों से घिरा रहा और माना जा रहा है कि इसी वजह से टीम का प्रदर्शन प्रभावित हुआ। पत्रकार अल्बिन मिशेल न्जिलो के विश्लेषण के अनुसार, इस फैसले से टीम की एकजुटता और रणनीति पर नकारात्मक असर पड़ा। इस मामले में पूर्व खिलाड़ी सैमुअल एटो’ओ की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। फिलहाल, इस आरोप पर खेल मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह घटना कैमरूनियन फुटबॉल में प्रशासनिक हस्तक्षेप और टीम चयन की पारदर्शिता को लेकर बहस छेड़ सकती है।
