अमेरिका से कैमरून भेजे गए छत्तीस अफ्रीकी नागरिकों ने कानूनी कार्यवाही शुरू की है। वे कानूनी दर्जा पाने और अमेरिका तथा कैमरून के बीच हुए प्रवासन समझौते को निलंबित करने की मांग कर रहे हैं। इन प्रवासियों का कहना है कि उन्हें गलत तरीके से भेजा गया है और उनके अधिकारों का उल्लंघन हुआ है। उन्होंने अदालत में याचिका दायर करके अपनी स्थिति स्पष्ट करने और न्याय पाने की कोशिश की है। यह मामला दोनों देशों के बीच प्रवासन नीतियों पर सवाल उठाता है। इस कानूनी चुनौती से अमेरिका और कैमरून के बीच प्रवासन संबंधों में तनाव बढ़ने की संभावना है। अदालत इस मामले में क्या फैसला देती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।