कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में सबसे युवा अश्वेत प्रोफेसर, जेसन अर्डे, का हाल ही में निधन हो गया। उन्होंने पिछले महीने ही अकादमिक कदाचार के आरोपों के कारण इस्तीफा दे दिया था। पुलिस ने फिलहाल उनकी मौत को संदिग्ध नहीं बताया है। अर्डे के परिवार ने एक बयान में कहा है कि उन्हें लगातार दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा, जिसके कारण उन्हें गहरा आघात लगा। परिवार ने उन लोगों पर निशाना साधा, जिन्होंने उनकी छवि को धूमिल करने की कोशिश की। यह घटना अकादमिक जगत में उत्पीड़न और नस्लवाद से जुड़े मुद्दों पर प्रकाश डालती है। अर्डे ने हार्वर्ड से पीएचडी की डिग्री हासिल की थी और उन्हें कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में एक प्रतिष्ठित पद मिला था।