कंबोडिया के सीनेट अध्यक्ष हुन सेन ने आगामी 2027 और 2028 के चुनावों से पहले सभी राजनीतिक दलों और गठबंधनों से उनकी सीमा नीति स्पष्ट करने को कहा है। यह कदम कंबोडिया की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है। सेन का यह आव्हान क्षेत्रीय विवादों से परे, देश की राजनीतिक संस्कृति में एक महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सीमा विवाद को एक प्रमुख चुनावी मुद्दे के रूप में स्थापित करने का प्रयास है। इस घोषणा के बाद, राजनीतिक दलों पर अपनी-अपनी नीतियों को जनता के सामने रखने का दबाव बढ़ गया है। यह कंबोडिया की राजनीति में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को भी दर्शाता है। इस पहल से आगामी चुनावों में एक नई बहस छिड़ने की संभावना है।