कंबोडिया का वस्त्र उद्योग एक महत्वपूर्ण परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। सरकार और उद्योग जगत के नेताओं का मानना है कि केवल कम श्रम लागत अब प्रतिस्पर्धा की गारंटी नहीं दे सकती। देश को जल्द ही अल्प विकसित देश (LDC) की श्रेणी से बाहर निकलने का सामना करना है, इसलिए कारखानों को कौशल विकास, उत्पादकता और उच्च मूल्य वाले उत्पादों के निर्माण में निवेश करने की आवश्यकता है। यह संदेश हाल ही में हुई बैठकों में उभरा है। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि मूल्य श्रृंखला में सुधार से कंबोडियाई वस्त्र उद्योग वैश्विक बाजार में अपनी स्थिति मजबूत कर सकता है। इस बदलाव से न केवल निर्यात में वृद्धि होगी बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। सरकार इस परिवर्तन को सुविधाजनक बनाने के लिए नीतियों और कार्यक्रमों को विकसित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।