सोशल मीडिया कंपनियों को अपने उत्पादों के हानिकारक प्रभावों की जानकारी है, फिर भी वे उन्हें अधिक आकर्षक बनाने के लिए लगातार काम कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं पर सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभाव को देखते हुए, इस पर नियंत्रण लगाना आवश्यक है। यह नियंत्रण तंबाकू उत्पादों पर लगे प्रतिबंधों के समान होना चाहिए, क्योंकि सोशल मीडिया भी युवाओं के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। सोशल मीडिया की लत एक गंभीर समस्या है, और युवा विशेष रूप से इसके प्रति संवेदनशील हैं। इन कंपनियों द्वारा युवाओं को लक्षित करने और उन्हें फंसाने के तरीकों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। इस मुद्दे पर तत्काल ध्यान देना और आवश्यक कदम उठाना ज़रूरी है ताकि युवाओं को सोशल मीडिया के हानिकारक प्रभावों से बचाया जा सके। सरकार और अभिभावकों दोनों को मिलकर इस दिशा में काम करना चाहिए।