जाने-माने पत्रकार ज्यां-ब्रूनो टैग्ने ने अफ्रीकी फुटबॉल संघ (CAF) पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के मोटसेपे के नेतृत्व में CAF की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं, आरोप लगाते हुए कि यह संस्था पहले कभी इतनी कमजोर और किसी के अधीन नहीं रही। टैग्ने ने विशेष रूप से ओमार आर्टन के साथ हुए अपमानजनक व्यवहार के बाद CAF की चुप्पी पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि CAF प्रमुख मोटसेपे को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए था, लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। टैग्ने के अनुसार, CAF अब बाहरी ताकतों के दबाव में काम कर रही है और अपनी स्वतंत्रता खो रही है। इस घटना ने अफ्रीकी फुटबॉल जगत में चिंता पैदा कर दी है और CAF के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला CAF की पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी प्रकाश डालता है।