पूर्व राष्ट्रपति ट्राइअन बासेस्कू ने सरकारी कर्मचारियों द्वारा वेतन वृद्धि की मांग को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि राज्य के पास इन वेतन वृद्धियों के लिए वास्तविक संसाधन नहीं हैं। बासेस्कू ने स्पष्ट रूप से कहा कि श्रमिक संघों द्वारा मांगी जा रही प्रत्येक इकाई मुद्रा उधार ली गई राशि है। उन्होंने मौजूदा आर्थिक स्थिति को देखते हुए तत्काल वेतन वृद्धि की व्यवहार्यता पर सवाल उठाया। उनका मानना है कि इस तरह की मांगें वित्तीय स्थिरता के लिए हानिकारक हो सकती हैं। बासेस्कू ने सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों से वित्तीय वास्तविकता को समझने और जिम्मेदारी से मांग करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में वेतन वृद्धि के लिए दीर्घकालिक योजना बनाना आवश्यक है।