यूरोपीय संघ (ईयू) की नीतियों को प्रभावित करने के लिए उद्योग जगत द्वारा किए जाने वाले खर्च में भारी वृद्धि हुई है। एक हालिया विश्लेषण के अनुसार, यह खर्च 49 प्रतिशत तक बढ़ गया है, जो एक रिकॉर्ड स्तर है। इस लॉबिंग में अमेरिकी टेक कंपनियों, जैसे कि अमेज़न और एप्पल, सबसे आगे हैं। यह बढ़ोतरी दर्शाती है कि कंपनियां ईयू के नियमों और विनियमों को अपने पक्ष में मोड़ने के लिए अधिक प्रयास कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बढ़ते खर्च से नीति निर्माण की पारदर्शिता पर सवाल उठ सकते हैं। यह विश्लेषण ईयू में कॉर्पोरेट प्रभाव के बढ़ते स्तर को उजागर करता है। इस मामले में आगे की जांच और पारदर्शिता की मांग की जा रही है।