क्रिस मेसन के अनुसार, बर्नहैम चार वर्षों में पांचवें प्रधानमंत्री बने हैं और अब वह इस चलन को बदलने की कोशिश करेंगे। वह तेज़ी से काम करना शुरू करने के लिए दृढ़ हैं। बर्नहैम मैनचेस्टर में अपनाई गई नेतृत्व शैली को बनाए रखने की उम्मीद कर रहे हैं। उनका लक्ष्य एक स्थिर और प्रभावी सरकार प्रदान करना है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वे राजनीतिक अस्थिरता के चक्र को तोड़ने में सफल होते हैं। बर्नहैम की प्रारंभिक गतिविधियां उनकी योजनाओं और प्राथमिकताओं का संकेत देंगी। वे मैनचेस्टर के अपने अनुभव को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने का प्रयास कर सकते हैं।