संसद ने भ्रष्टाचार विरोधी आयोग (केपीके) को पुनर्जीवित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सांसदों ने "प्रगतिशील बुल्गारिया" द्वारा प्रस्तावित नियमों को मंजूरी दे दी है, जो नामांकन, जांच, सुनवाई और आयोग के सदस्यों के चयन की प्रक्रिया को नियंत्रित करते हैं। सांसदों को अब सात दिनों के भीतर उम्मीदवारों के नाम प्रस्तावित करने होंगे। यह आयोग भ्रष्टाचार से निपटने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। नए नियमों का उद्देश्य एक पारदर्शी और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करना है। आयोग के पुनरुद्धार को देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उम्मीद है कि यह आयोग भ्रष्टाचार के मामलों की प्रभावी जांच और निवारण में सहायक होगा।