निजी अनुसंधान संस्थान सीपीडी ने आगामी 2026-27 वित्तीय वर्ष के बजट पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि मौजूदा उच्च मुद्रास्फीति के समय में करमुक्त आय सीमा में और वृद्धि की आवश्यकता थी। संस्थान का मानना है कि बजट में कर छूट सीमा पर्याप्त रूप से नहीं बढ़ाई गई है। सीपीडी के अनुसार, यह कदम ईमानदार करदाताओं को हतोत्साहित कर सकता है और काले धन को वैध बनाने के अवसरों को बढ़ावा दे सकता है। उच्च मुद्रास्फीति की स्थिति में करदाताओं को राहत देने के लिए कर छूट सीमा में वृद्धि महत्वपूर्ण थी। संस्थान ने बजट में इस पहलू पर ध्यान देने का आग्रह किया है। यह निर्णय मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाल सकता है।