केंद्र सरकार के 2026-27 के संघीय बजट से मुर्गी पालन उद्योग में निराशा है। उद्योग प्रतिनिधियों ने बजट में इस क्षेत्र के लिए किसी भी विशेष राहत उपायों की कमी पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि उच्च उत्पादन लागत और आयातित उत्पादों से प्रतिस्पर्धा के कारण उद्योग पहले से ही चुनौतियों का सामना कर रहा है। बजट में समर्थन की कमी से स्थिति और खराब हो सकती है। उद्योग ने सरकार से इस मामले पर पुनर्विचार करने और मुर्गी पालन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र को समर्थन देना ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।