बुखारेस्ट में, इतिहास संस्थान के निदेशक, यूजेन सिउर्टिन ने राष्ट्रपति निकुशोर डैन की ‘स्वस्थ राष्ट्रवाद’ की आवश्यकता के बारे में सार्वजनिक टिप्पणी की आलोचना की है। सिउर्टिन का मानना है कि राष्ट्रपति ने एक “गलती” की है और उनका बयान वर्तमान में रोमानिया में चल रहे चरमपंथी राष्ट्रवाद के क्षेत्र में प्रवेश करता है। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत नहीं होता कि निकुशोर डैन ने विषय पर अच्छी तरह से शोध किया था। सिउर्टिन ने विशेष रूप से राष्ट्रवाद की अवधारणा की संवेदनशीलता पर प्रकाश डाला, खासकर वर्तमान भू-राजनीतिक संदर्भ में। यह टिप्पणी रोमानियाई राजनीतिक परिदृश्य में एक बहस का विषय बन गई है, जहाँ राष्ट्रवाद एक संवेदनशील मुद्दा है। इस घटना ने सार्वजनिक क्षेत्र में राष्ट्रवादी बयानबाजी के संभावित खतरों के बारे में भी सवाल उठाए हैं। यह विवाद निकुशोर डैन के नेतृत्व और उनके राजनीतिक रुख पर भी सवाल खड़े करता है।