संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने ईरान की जेल में भूख हड़ताल पर बैठे दो ब्रिटिश नागरिकों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। क्रेग और लिंडसे फोरमैन को फरवरी में जासूसी के आरोप में 10 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी, जिसे उन्होंने अस्वीकार किया है। उनके परिवार के अनुसार, उनकी जानकारी के बिना इस महीने एक अपील सुनवाई विफल रही, और उन्हें प्रक्रिया के बारे में बहुत कम जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने ईरानी अधिकारियों से तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करने और निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। फोरमैन दंपति के परिवार ने उनकी रिहाई के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप करने की अपील की है। मामले को लेकर ईरान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह घटना ईरान में विदेशी नागरिकों की न्यायिक प्रक्रिया और मानवाधिकारों से संबंधित चिंताओं को उजागर करती है।
